हिंदी

साथ बिताये पल जो मैंने बोयेथे, तन्हाईकी गर्मियोंमें,
यादोंकी बारिशोंमें, उनपर मुस्कुराहटके कुछ पत्ते आये है | – स्पंदन
Poetry, हिंदी

दिवाली आ रही है,
कुछ पुरानी यादो को पोंछ के प्यार से धुप में रखा जाए,
वो दिन कब से पड़े है पुराने कपडे में लिपटे हुए, उन्हें झटका जाए,
चलो कुछ नहीं तो एक पुराना सा पल दिल के कोने में सजाया जाये…

Poetry, हिंदी

पंख दिए उसने, आज़ादी का मतलब शिखाया आपने,

सपने देखे हमने, सच करने का सबब शिखाया आपने.

On the occasion of teachers day.